महाराष्ट्र के मुंबई स्थित वाईबी चव्हाण ऑडिटोरियम में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और NCP चीफ शरद पवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान दोनों ही नेताओं ने कहा कि हम साथ हैं और साथ रहेंगे.
महाराष्ट्र:
महाराष्ट्र के मुंबई स्थित वाईबी चव्हाण ऑडिटोरियम में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और NCP चीफ शरद पवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान दोनों ही नेताओं ने कहा कि हम साथ हैं और साथ रहेंगे. इतना ही नहीं, उद्धव ठाकरे ने बीजेपी और अजित पवार के साथ सरकार बनाने के दावे को 'फर्जिकल स्ट्राइक' करार दिया है. वहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस में शरद पवार ने कहा, सभी तीन पार्टियां (शिवसेना, कांग्रेस और रांकपा) सरकार बनाने के लिए अभी भी साथ हैं, लेकिन अजित पवार कुछ विधायक लेकर गए. अजित पवार के फैसले पर हम साथ नहीं, जो विधायक गए उनपर कार्रवाई की जाएगी.
उद्धव ठाकरे ने कहा, ''महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर फर्जिकल स्ट्राइक की गई. चोरी-छिपे सरकार बनाई गई, हम (शिवसेना-एनसीपी) एक साथ खड़े हैं और सरकार बनाएंगे.'' वहीं, शरद पवार ने कहा कि भाजपा का समर्थन करने वाले राकांपा विधायकों को पता होना चाहिए कि उनके इस कदम पर दल बदल विरोधी कानून लागू होगा. उन्होंने कहा कि अजित पवार का फैसला अनुशासनहीनता है, कोई भी राकांपा कार्यकर्ता राकांपा-भाजपा सरकार के समर्थन में नहीं है. वहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस में राकांपा विधायकों ने कहा कि उन्हें राज भवन ले जाया गया लेकिन उन्हें यह मालूम नहीं था कि शपथ ग्रहण समारोह के लिए ले जाया जा रहा है.
महाराष्ट्र (Maharashtra) की सियासत में बड़ा उलटफेर हुआ. बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने दोबारा सीएम पद की शपथ ले ली है. वहीं, एनसीपी नेता अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली है. सुबह करीब आठ बजे राजभवन में राज्यपाल बी.एस. कोश्यारी ने दोनों नेताओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. आपको बता दें कि आज सुबह तक महाराष्ट्र में कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने की बात कही जा रही थी. तीनों दल उद्धव ठाकरे को सीएम बनाने पर सहमत भी हो गए थे और चर्चा थी कि आज औपचारिक तौर पर वे राज्यपाल से मिलकर दावा पेश करते, लेकिन इसी बीच अजित पवार 'किंगमेकर' बनकर उभरे और राज्य का सियासी समीकरण बदल गया
किसी दल को नहीं मिला था बहुमत
आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा की 288 सीटों के लिए 21 अक्टूबर को चुनाव हुए थे और 24 अक्टूबर को परिणाम आए थे. चुनाव में बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं. किसी भी पार्टी या गठबंधन के सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करने के बाद 12 नवंबर को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था